गीत,कविता और कहानी |
| Posted: 24 Jul 2021 06:57 PM PDT *समस्त गुरुजनों को नमन करते हुए आप सभी को बहुत बहुत बधाई व शुभकामनाएं....* गुरुपूर्णिमा विशेष पूर्णिमा गुरु व्यास की,कोटि नवाऊँ माथ। रहे कृपा तेरी सदा,हरपल मेरे साथ।। सदा रहे गुरुदेव की ,मेरे सर पर हाथ। चलूँ डगर मैं यूँ सदा,लेकर सबको साथ।। मात पिता के नेह से,बढ़ता निशदिन मान। कर्म धर्म से ही मिले,दुनिया में पहचान।। चरण नमन गुरुदेव की,सदा करें दिन रात। अंग अंग है जब भीगता,करे ज्ञान बरसात।। गुरु के सुमरन से सदा,बनते बिगड़े काम। जिनकी करुणा से मिले,नटवर सीताराम।। मान गुरु आदेश को,दे अंगूठा दान। एकलव्य तुम धन्य है,जग में हुए महान।। शिष्य वही ही है भला,माने गुरु की बात। अंतर्मन में भी सदा,दे दर्शन दिन रात।। हे मेरे गुरुदेव जी,तुम ही हो करतार। नमन सदा स्वीकार हो,अर्जी बारम्बार।। दोहाकार- तोषण कुमार चुरेन्द्र सरपंच ग्रा.पंचा.धनगाँव, डौंडी लोहारा बालोद छत्तीसगढ़ |
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