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शनिवार, 1 अगस्त 2020

वहु मन लड़िन, हमु मन लड़तेच हन

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वहु मन लडिन,
अउ हमु मन लड़तेच हन।।
वो मन गोरा अंग्रेज ले लड़िन,
हमन काला अंग्रेज ले लड़त हन।।

वो मन हमर हक बर लडिन,
हमन उंकर हक बर लड़त हन।।
वो मन देश स्वतंत्र करे बर लडिन,
हमन स्वतंत्रता सेनानी के दर्जा देवाय बर लड़त हन।।
सिरतोन काहत हो सगा वहु मन लडिन,
अउ हमु मन लड़तेच हन।।

वो मन अंग्रेज शासन ले लडिन,
अउ हम दो मुढिया शासन ले लड़त हन।।
वो मन देश बर बलिदान होईन,
हमन बलिदानी के पद दिलाये बर लड़त हन।।
सिरतोन काहत हो सगा वहु मन लडिन,
अउ हमु मन लड़तेच हन।।

अंग्रेज मन व्यापारी बन के आईंन देश मा आके राज करिन,
नेता मन लुभावना घोषणा करके हमर संग विश्वासघात करिन।।
अत्तिक धोखा खा के तभू ले हम पतियाथन
सिरतोन काहत हो सगा वहु मन लडिन,
अउ हमु मन लड़तेच हन।।

परदेशिया मन नेता बन राज कर हे,
लाल आँखी दिखाके हमी ला गुर्राथे।
हमर भाई मन नेता बन पोसवा कुकुर कस
उंकर पिछु मा पूंछ हिलाथे।।
गाँव, समाज ब इक्के दु नेता थोरको करे होहीं।
आके गाँव समाज मा येला बनवाये करके रोना रोही।।
सिरतोन काहत हो सगा वहु मन लडिन
अउ हमु मन लड़तेच हन

सर्वाधिकार©सुरक्षित
      आर्यन चिराम
    9407749514

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