गीत,कविता और कहानी |
| मोर दंता ओ शिरी(तोषण चुरेन्द्र सरपंच धनगांव) Posted: 24 Dec 2021 09:59 PM PST मोर दंता ओ शिरी... आरती तोर उतारँव गंगा के पानी धरके ओ दाई तोर चरन ला पखारँव मोर दंता ओ शिरी..... दंतेवाड़ा मा बइठे ओ दाई दंताशिरी सुहाये बड़ सिधवा हम तोरे लइका महतारी तिही कहाये नरिहर बंदन फूल दसमत संग तुहिला मँयहा मनावँव मोर दंता ओ शिरी...... महिमा तोरे बरनी न जाये नवदुर्गा तँय कहाये कभू काली कभू चंडी बनके दानव ला मार गिराये दरस देखादे तँय हा हो माता चरनन माथ नवावँव मोर दंता ओ शिरी....... पांच भगत मिल जस तोर गावय जय होवय ओ तोरे भर दे झोली खाली ओ दाई अरजी ल सुनले मोरे मिलके दिनकर काहत हावय तोरेच गुन ला सुनावँव मोर दंता ओ शिरी....... तोषण चुरेन्द्र "दिनकर" |
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